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कà¥à¤¯à¤¾ आप जानती हैं कि फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ से बांà¤à¤ªà¤¨ का खतरा à¤à¥€ हो सकता है? à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बता रहीं हैं इस बारे में विसà¥â€à¤¤à¤¾à¤° से
कà¥à¤¯à¤¾ आप फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ (रसौली) के बारे में जानती हैं? अगर हां, तो आपको ये जानकर हैरानी होगी कि फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ से बांà¤à¤ªà¤¨ à¤à¥€ हो सकता है। यहां, हम आपको फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ और बांà¤à¤ªà¤¨ के बीच का संबंध बताà¤à¤‚गे।
यदि फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव डालता है, तो ये पेशाब की आवृतà¥à¤¤à¤¿ या हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤«à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (मूतà¥à¤° के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कारण गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की सूजन) की आवृतà¥à¤¤à¤¿ में वृदà¥à¤§à¤¿ करता है। यदि ये आंतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पर दबाव डालता है, तो ये कबà¥à¤œ à¤à¥€ पैदा कर सकता है। इससे रोगी को पेट में à¤à¤• गांठमहसूस हो सकती है और कà¤à¥€-कà¤à¥€, ये 2% से 10% रोगियों में बांà¤à¤ªà¤¨ का कारण à¤à¥€ बन सकता है।
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और आकार के आधार पर बांà¤à¤ªà¤¨ का कारण à¤à¥€ बन सकता है। फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ से बांà¤à¤ªà¤¨ होने का कारण हो सकता है – गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का विसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब का रोड़ा, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब का खिंचाव और टà¥à¤¯à¥‚ब-डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि संबंध में गड़बड़ी।
इसमें à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² पतला à¤à¥€ हो सकता है, अगर ये à¤à¤• सबमà¥à¤¯à¥‚कस फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ है, तो इन सà¤à¥€ कारणों से बांà¤à¤ªà¤¨ हो सकता है। सबमà¥à¤¯à¥‚कस फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ दर को कम करती है और यदि आप इन फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ को हटा दें, तो पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ दर बढ़ जाती है।
सबसेरोसल फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ – ये गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर होता है और आमतौर पर पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ दर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करता है।
इंटà¥à¤°à¤¾à¤®à¥à¤¯à¥‚रल फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ – ये गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के शरीर के अंदर होता है, पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को थोड़ा कम करता है,
कà¥â€à¤¯à¤¾ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ से निजात पायी जा सकती है
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ से निजात पाया जा सकता है। ये सबसे आसानी से उपलबà¥à¤§ होने वाली और कम खरà¥à¤šà¥€à¤²à¥€ तकनीक है। इसलिठफाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ से निजात पाने के लिठसोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के अलावा, à¤à¤• à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ और सेलाइन इनà¥à¤«à¥à¤¯à¥‚जन सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ का विकलà¥à¤ª à¤à¥€ चà¥à¤¨à¤¾ जा सकता है।
इसे करते समय, फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ के आकार, फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ की संखà¥à¤¯à¤¾ और फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की जांच की जाती है। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ आधार पर सरà¥à¤œà¤°à¥€ का निरà¥à¤£à¤¯ लिया जाता है। बांà¤à¤ªà¤¨ को कम करने के लिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपचार दिया जाता है कि कà¥à¤¯à¤¾ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ आकार में कम हो रहा है। यदि फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ वापस नहीं आ रहा है तो रोगी को मायोमेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ को हटाने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जाता है।
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ का इलाज
मेडिकल और सरà¥à¤œà¤°à¥€ मैथड दोनों तरीकों से टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट हो सकता है। फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ को हटाने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ को मायोमेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ के रूप में जाना जाता है। यदि रोगी ने गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की योजना बनाने से पहले फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ को हटा दिया है, तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगी। पहले फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ के आकार की जांच करें और उसके बाद ही विशेषजà¥à¤ž से सलाह लेने के बाद इसे हटाने का निरà¥à¤£à¤¯ लें।
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